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ओडिशा में औद्योगिक क्रांति: JSW और POSCO के बीच ₹35,000 करोड़ का महा-समझौता!

ओडिशा की धरती एक बार फिर भारत के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। 20 अप्रैल, 2026 को भारत की दिग्गज कंपनी JSW Steel और दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी POSCO Group ने एक ऐतिहासिक जॉइंट वेंचर (JV) पर हस्ताक्षर किए हैं।

ओडिशा में औद्योगिक क्रांति: JSW और POSCO के बीच ₹35,000 करोड़ का महा-समझौता!

ओडिशा में औद्योगिक क्रांति: JSW और POSCO के बीच ₹35,000 करोड़ का महा-समझौता!

ओडिशा की धरती एक बार फिर भारत के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। 20 अप्रैल, 2026 को भारत की दिग्गज कंपनी JSW Steel और दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी POSCO Group ने एक ऐतिहासिक जॉइंट वेंचर (JV) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता न केवल ओडिशा के लिए, बल्कि पूरे भारतीय स्टील क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।

क्या है यह पूरा प्रोजेक्ट?

JSW और POSCO मिलकर ओडिशा के ढेंकानाल (Dhenkanal) जिले में एक 'ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट' स्थापित करने जा रहे हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • भारी निवेश: इस प्रोजेक्ट में अनुमानित ₹35,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा।

  • उत्पादन क्षमता: शुरुआत में इस प्लांट की क्षमता 6 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) होगी।

  • 50:50 की साझेदारी: दोनों कंपनियां इस प्रोजेक्ट में बराबर की हिस्सेदार होंगी।

  • हाई-टेक स्टील: यहाँ मुख्य रूप से उच्च श्रेणी का 'फ्लैट स्टील' बनाया जाएगा, जिसका उपयोग ऑटोमोबाइल (कार बनाने) और बड़े उद्योगों में होता है।

POSCO की 'घर वापसी'

यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लगभग एक दशक पहले POSCO ने ओडिशा में अपना खुद का प्लांट लगाने की कोशिश की थी, लेकिन जमीन और अन्य कारणों से उसे 2017 में पीछे हटना पड़ा था। अब JSW के साथ मिलकर POSCO की यह सफल वापसी भारत और दक्षिण कोरिया के मजबूत होते आर्थिक रिश्तों का प्रतीक है।

ओडिशा को क्या मिलेगा?

ओडिशा के मुख्यमंत्री और औद्योगिक जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी:

  1. रोजगार के अवसर: इस प्लांट के बनने से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार (Jobs) पैदा होंगे।

  2. इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: ढेंकानाल और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों, बिजली और पानी की सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा।

  3. आत्मनिर्भर भारत: भारत में ही हाई-ग्रेड स्टील बनने से विदेशों से आयात (Import) कम होगा।

आगे का रास्ता

इस समझौते को 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह से औपचारिक रूप दे दिया जाएगा और उम्मीद है कि 2031 तक यह प्लांट पूरी तरह से चालू हो जाएगा।

सिर्फ यही नहीं, JSW ओडिशा में अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहा है, जैसे पारादीप में ₹65,000 करोड़ का मेगा प्लांट। साफ है कि ओडिशा अब 'भारत का स्टील हब' बनने की राह पर तेजी से दौड़ रहा है।